Pitt Ki Bimari होती कैसे है और क्या है इसका घरेलु इलाज?

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क्या आपको जानकारी है पित्त की बिमारी की? अगर नहीं तो आइये जानते है यह बीमारी कैसे होती है। अधिकतर लोगो इ यह पित्त की बीमारी पायी गयी है। पित्त की बीमारी में बहुत ही दर्द होता है और बहुत भयानक भी होती है जिससे इंसानो को कई रोग हो सकते है और त्वचा की भी कई बीमारी होती है। 

तो आज जानते है पित्त की बीमारी क्या होती है और कैसे इसका इलाज घर पर रहके भी करते है?

हमारे पेट में खराबी होने की वजह से पित्त की बीमारी होती है जिससे इसका सर सीधा हमारे शरीर और त्वचा पर होता है – तो आइये जानते है की आखिर पित्त होता कैसे है और यह है क्या?

पित्त क्या है और कैसे होता है?

हमारे शरीर में पित्त आमाशय में रहता है जो सुनहरे कलर का रहता है जिससे दूसरे शब्द में गैस्ट्रिक एसिड भी  कहते है। और यह खाना पचाने में भी लाभदायक रहता है। इसे एक और से जहर भी कहा गया है क्योंकि यह बहुत खतरनाक भी होता है।

पित्त बहुत ही खराब होता है जिसका पाचन क्रिया में भी बहुत महत्वपूर्ण कार्य होता है। पित्त में अगर खराबी आ गयी  वह खाये हुए खाने को अच्छे से पचाता नहीं है और इसीसे गैस उत्पन्न होती है।और ऐसे गैस पैदा होती है और फिर उत्पन्न होती है पित्त की बीमारी।

अगर आपने खाना खाया और वह अच्छी तरह से पचा नहीं है और उसके तुरंत बाद आप फिर खाना खा लेते है तो वह भी पित्त की वजह बन सकती है। इंसानो को मानसिक तनाव होने से भी पित्त की बीमारी उत्पन्न होती है।

हो सकता है इससे आपको कई और दर्द भी होने लगे जैसे कमर दर्द, पेट दर्द आदि। पढ़े – “कमर दर्द में क्या करे?

तो आखिर क्या करे पित्त को दूर करने के लिए – जानिये घरेलु इलाज

पित्त से पीड़ित इंसान को हर रोज़ अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए या फिर ८ से १० गिलास पानी पीना चाहिए। अगर हो सके तो एक गिलास पानी में नींबू का रस डाल के थोड़ी सी चीनी और एक चुटकी नमक डाल के पानी पिने में बहुत लाभ देता है। और इसी पानी में ८ से १० बार पिए।

पित्त की बीमारी में ठंडे दूध में चीनी को घोलकर पियो जिससे रोग से हमेशा के लिए आपको छुटकारा मिल सकता किन्तु इसका सेवन कई दिनों तक करना होगा। पित्त के रोगी को जल्दी पचाने वाले चीज़ो को ही भोजन में शामिल करना चाहिए। जैसे आप उबले हुए चावल और फल ले सकते है या उसका जूस भी पी सकते है।

हमेशा ख़ुशी से रहने की कोशिश करिये और हंसते रहिये।

पिट से रोगी को खाने में कदापि गर्म चीज़ो का सेवन नहीं करना चाहिए बल्कि ठंडे पदार्थो को खाने में शामिल करना चाहिए। इस बीमारी से पीड़ित को रात के समय सोने इ २ घंटे पहले खाना ग्रहण करना चाहिए और तुरंत बाद ठंडा दूध भी पीना चाहिए।

पित्त की बीमारी को दूर करे योगासन।

इस पित्त की बीमारी को भी कण्ट्रोल करता है योग – जी हां! योग जैसे प्राणायाम और अन्य योग को करने से भी पित्त के पीड़ितो को आराम मिलता है। और इसलिए योग करना इंसान के शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक होता है।

 

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