नीम की पत्ती के यह अद्भुत स्वास्थ्य लाभ आपको हैरत में डाल देंगे

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नीम की पत्ती की भारत के हर घर में एक अलग ही जगह है। यदि, आपके घर के सामने नीम का पेड़ है तो आप भाग्यशाली है। वास्तु के कारण नहीं इसके बेमिसाल फ़ायदे के कारण। 

आखिर यह नीम है क्या? 

आइए जानते है…

नीम एक पेड़ है। औषधि बनाने के लिए छाल, पत्तियों और बीजों का उपयोग किया जाता है। नीम की जड़, फूल और फल का भी उपयोग किया जाता है।आप नीम का इस्तेमाल सिर्फ सुगंध के लिए ही नहीं बल्कि सीज़निंग, सूप, मसाले आदि किसी भी रूप में इस्तेमाल करें आपको हर रूप में इसके लाभ देखने को मिलेंगे। 

गर्मी में ठंडी हवा, ठंडी में नीम की पत्ती से बना हुआ काढ़ा और बारिश में भीगने से बचना। नीम हमेशा हर मौसम में मदद रूप है। यह एक ऐसा पेड़ है, जिसका हर हिस्सा काम का है।  

किन गुणों से भरपूर है नीम की पत्ती?

पाक उपयोगों के अलावा, पत्तियों का उपयोग आयुर्वेदिक और हर्बल दवाओं में भी किया जाता है। ये सुगंधित पत्तियाँ विटामिन A, B, C और B 2 कैल्शियम, प्रोटीन, अमीनो एसिड, फॉस्फोरस, फाइबर और आयरन का एक समृद्ध स्रोत है। 

आइए जानते है, नीम की पत्ती के लाभालाभ-

मधुमेह के समय नीम की पत्ती कारगर उपाय।

यदि आपको मधुमेह है और आप प्राकृतिक तरीके से अपने रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रण में रखना चाहते हैं, तो अपने आहार में नीम के पत्ते को शामिल करें। ऐसा करके, आप इंसुलिन पैदा करने वाली अग्नाशय कोशिकाओं की रक्षा और उन्हें उत्तेजित कर सकते हैं। नीम की पत्तियों का इस्तेमाल करने से ब्लड शुगर का स्तर भी कम होगा।

जख्मों पर लगाने के लिए।

अक्सर गर्मी और बारिश के मौसम में चहेरे और इतिआदी जगहों पर फोड़े हो जाते है मौसम के बदलने के कारण। ऐसे समय में नीम को पीस कर संक्रमित जगह पर लगाने से सूजन और दर्द दोनों ही कुछ ही समय में खत्म हो जाएगा। 

नीम एँटीसेप्टिक गुण से भरपूर है, इसीलिए यदि आपका हाथ याँ कोई भी अन्य अंग जल गया है तो ऐसे समय में आपके लिए नीम की पत्तियों को पीस कर लगाना एक बेहतरीन विकल्प है।

कान दर्द में सहायता करें।

नीम के तेल का उपयोग करना कान के दर्द के समय में बेहद लाभकारी साबित होता है। कान के दर्द की बीमारी से भी आप बच सकते है और यदि हो तो भी आप इसका उपयोग कर सकते है। ऐसा करने से आपकी समस्या जल्दी ख़त्म होगी।

दांतो की समस्या को कह दीजिए BYE।

भारत में प्राचीन काल से नीम के दातुन का इस्तेमाल किया का रहा है। आज के समय में तरह-तरह के ब्रश टूथपेस्ट एवँ ट्रीटमेंट्स करवाने वाले व्यक्तियों की संख्या बढ़ रही है। परन्तु, आज के समय में भी जैसे दांत की चमक और मजबूती नीम के दातुन इस्तेमाल करने वाले व्यक्तियों की होती है उतनी मजबूती ब्रश करने वाले व्यक्तियों में बहुत कम देखी जाती हैं। नीम की दातुन आपने आप में पर्याप्त होती है, उसके लिए महंगे टूथपेस्ट की जरूरत नहीं पड़ती है।

वजन घटाने में मदद रूप नीम की पत्ती

आश्चर्य की बात है लेकिन यह सत्य है कि करी पत्ते वजन घटाने में सहायता कर सकते हैं। Carbazole alkaloids वजन बढ़ाने के खिलाफ काम करता है और शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। इस प्रकार, वजन कम करने में सहायता के लिए करी पत्ते का सेवन कर सकते है। उनकी खपत बढ़ाने के लिए, अपने भोजन में ताजा या सूखे करी पत्ते जोड़ सकते है। आप अपने सलाद में भी शामिल कर सकते हैं। स्वस्थ आहार के साथ नीम का सेवन करें और जल्दी वजन घटाने के लिए नियमित व्यायाम करें।

Smooth और Silky बालों को कीजिए HELLO HII

नीम की पत्ती बालों के लिए भी कारगर साबित होती है। नीम का इस्तेमाल आप कंडीशनर, तेल इतिआदि के रूप में कर सकते है। आप नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर और छानकर उस पानी से बाल धोएँ। ऐसा करने से रूसी जैसी समस्या ख़त्म होगी। हल्का गर्म नीम का तेल आप अपने बालों पर लगाएँ इससे आपके बालों की सारी समस्या ख़त्म होगी किन्तु हलके हाथों से कुछ मिनट मालिश भी करें। Smooth और Silky बालों के लिए आप नीम की पत्ती का सेवन भी करें ज़ाहिर सी बात है, सूखा नहीं सब्जी में डाल कर।

समय से पहले बालों का सफेद होना एक आम समस्या है। इससे निपटने के लिए आप नीम का इस्तेमाल कर सकते हैं। करी पत्ते आपके बालों में गहरे रंग के रंजकता को बढ़ाने में मदद करते हैं।

मुहाँसे से राहत

नीम में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी होता है जो मुंहासों को कम करता है। माना जाता है कि नीम का तेल त्वचा की शुष्कता, त्वचा की खुजली और लालिमा से छुटकारा दिलाता है। pimples और त्वचा blemishes को भी रोकता है।

कुछ अन्य फ़ायदे नीम की पत्ती के

  • पत्तियाँ कार्बोहाइड्रेट चयापचय को प्रभावित करती हैं।
  • ऑक्सीडेटिव तनाव के जोखिम को भी कम करती हैं।
  • इसका उपयोग दवाई बनाने के लिए भी किया जाता है और एक औषधि के रूप में भी जिससे कई बीमारियों का अंत होता है।
  • वजन घटाने में मददगार है नीम। इसकी पत्तियाँ शरीर को शुद्ध करने में मदद करती है। आप अपने आहार में अवश्य लें नीम।
  • छाल का उपयोग मलेरिया, पेट और आँतों के अल्सर, त्वचा रोग, दर्द और बुखार के लिए किया जाता है।
  • नीम की पत्ती का उपयोग कुष्ठ रोग, आँखों की रोशनी के लिए भी किया जाता है।
  • आँतों के कीड़े को कम करने के लिए भी मदद रूप है।
  • पत्ती का उपयोग जन्म नियंत्रण के लिए और गर्भपात के लिए भी किया जाता है।

नीम की पत्ती के नुकसान

सामान्य खुराक में नीम के उपयोग से दुष्प्रभाव नहीं होते हैं। हालांकि, शिशुओं या छोटे बच्चों को यह जड़ी बूटी नही देनी चाहिए। नीम गर्भवती, स्तनपान कराने वाली महिलाओं या जो गर्भ धारण करने की कोशिश कर रहे है उनके लिए भी सुरक्षित नहीं है। इसके अलावा, नीम का तेल आँतरिक रूप से कभी नहीं लिया जाना चाहिए।

बस इन बातों का ध्यान रखें और नीम का प्रयोग कर अपनी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को दूर करें।

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