Diabetes बीमारी के मुख्य प्रकार ओर साथ ही जाने कुछ महत्वपूर्ण बातें।

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क्या आप Diabetes बीमारी के सारे प्रकार जानते है? अक्सर लोगो के दिमाग में यह सवाल आता है, कि इसके मुख्य प्रकार कौन से है? दोनो में फर्क क्या है? आदि जैसे कई सवाल उत्पन होते है। आइए जाने उन सारे सवालों का जवाब। Diabetes बीमारी के दो मुख्य प्रकार है – टाइप 1 और टाइप 2। दोनों प्रकार की बीमारी काफी पुरानी है। जो आपके शरीर को रक्त शर्करा, या ग्लूकोज को नियंत्रित करने के तरीके को प्रभावित करती है। ग्लूकोज वह ईंधन है जो आपके शरीर कि कोशिकाओं को खिलाता है। लेकिन आपकी कोशिकाओं में प्रवेश करने के लिए इसे एक key की आवश्यकता होती है। इंसुलिन वह key है। Diabetes बीमारी के दोनों प्रकार से उच्च रक्त शर्करा का स्तर बढ़ सकता है। जो सेहत के लिए काफी ज़्यादा नुकसानदायक है। 

 

Diabetes बीमारी के दो मुख्य प्रकार –  

Diabetes ke types1

टाइप 1 – ज़्यादातर यह हमे आनुवंशिक तौर पे होती है। मतलब घर माता-पिता या दादा-दादी को शुगर की बीमारी हो तब। ऐसे में इस बीमारी का खतरा ओर भी अधिक हो जाता है। किसी को वंशानुगत कारणों से डायबिटीज़ होती है तो इसे टाइप-1 डायबिटीज़ कहा जाता है। 

टाइप 1 डायबिटीज़ की बीमारी जन्म से भी हो सकती है या फिर बहुत कम उम्र के बच्चों को भी। यदि, ऐसा हो तो शरीर में इंसुलिन उत्पन नहीं होता है। क्योंकि, वंशानुगत कारणों से पैंक्रियाज में इंसुलिन बनना बंद हो जाता है। 

मतलब इसमें हमारे शरीर की कोशिकाएं हमारे ही शरीर की दूसरी कोशिकाओं से दुश्मनी मोड़ ले लेती है।

Diabetes बीमारी के पहले प्रकार में शुगर की मात्रा बढ़ने लगती है, रक्त में।

इसके टाइप 1 मरिजो को कार्बोहाइड्रेट्स अच्छी मात्र में खाना चाहिए। किन्तु, डॉक्टर की अनुमति के पश्चात।

 

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Diabetes का दूसरा प्रकार –

 

टाइप 2 – अक्सर जब पेट अधिक हो, BP है हो, या बहुत अधिक नशा या निष्क्रिय जीवनशैली के कारण भी होती है। कई बार गलत खान पान भी इस बीमारी का लक्षण होता है। यदि, शरीर में इंसुलिन की मात्रा कम हो तब भी यह बीमारी उत्पन हो सकती है। इंसुलिन कम बनने से रक्त में मौजूद कोशिकाएं इस हॉरमोन के प्रति बहुत कम संवेदनशीलता दिखाती है। यही कारण है कि रक्त में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ने लगती है और व्यक्ति डायबिटीज़ टाइप-2 का शिकार हो जाता है।

Diabetes बीमारी के टाइप 2 मारिजो को लो कैलोरीज़ वाला भोजन ग्रहण करना चाहिए। कृप्या डायबिटीज़ टाइप 2 के मरीज़ बहार का भोजन ना ग्रहण करें इससे आपकी सेहत ओर भी खराब हो सकती है।

Diabetes बीमारी से सम्बन्धित कुछ महत्वपूर्ण बातें।

  • यदि, मरीज़ को सिर्फ शुगर की ही बीमारी हो तो उनके इलाज में बाकी मरीज़ों की तुलना में फर्क होता है।
  • डायबिटीज़ की टाइप 1 बीमारी के इलाज के समय मरीज़ को इंसुलिन देना पढ़ता है।
  • क्या आप जानते है, कि जब हमारे शरीर को ऊर्जा की जरूरत होती है। तब हमारा शरीर स्टोर फेट का उपयोग करता है। जब हम अच्छे से कहा पी नहीं सकते तब भी। 

इस बीमारी का इलाज करने से पहले कई सारे tests लिए जाते है, आपके।

Diabetes बीमारी यदि किसी को हो जाएं तो इसे केवल नियंत्रित ही रख सकते है। आओ कभी इस बीमारी से मुक्ति नहीं पा सकते है। आपके लिए बेहतर यही होगा कि आप अपनी सेहत का अच्छे से खयाल रखें। इसीलिए तो किसी महापुरुष ने अंग्रेज़ी में कहा है कि “Prevention is better than cure”।