ज़बरदस्ती से बच्चों को खाना खिलाने की आदत को कहे दीजिए अलविदा।

बच्चों को भगवान का स्वरूप माना जाता है। पर वही बच्चे यदि अपनी जिद पर आ गए तो वो किसी की नहीं सुनते। यदि, आप उन्हें ज़बरदस्ती खाना दिलाती है, मार कर या डांट कर तो कई बार ऐसा करना नुकसान भी कर सकता है आपके बच्चे की हैल्थ को। बच्चों के साथ सक्त होना जरूरी भी है, पर सही तरीके से। हर माता-पिता चाहते है, उनका बच्चा स्वस्थ रहे। परन्तु, माता-पिता को भी समजना चाहिए की वो एक बच्चा है, कोई खाने की मशीन नहीं। बच्चों का बहुत थोड़ा खाने से ही पेट भर जाता है, उन्हें ज़्यादा डांट ने से उन पर गलत प्रभाव पड़ सकता है।

बच्चों की नहीं खाने की वजह क्या है?

बच्चे अपनी मर्ज़ी के मालिक होते है। बच्चों के पेट में पचाने की क्षमता बहुत कम होती है। उनके साथ कोई ज़ोर ज़बरदस्ती की जाय तो वह और भी ज़िद्दी हो जाते है। कई बच्चों को खाने से नफ़रत होती है, खास कर हरी सब्जियों से। कुछ बच्चों को ज़्यादा भूख नहीं लगती है, परन्तु, कुछ भी ना खाए तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं।

अब सवाल यह उठता है, की बच्चों को खाना खिलाने का सही तरीका क्या है?

 तो आइए जानते है बच्चों को सही तरीके से खाना खिलाने की ट्रिक्स।

  • उन्हें भूख कब लगती है, और क्या चाहिए होता है तब वो जानिए।
  • बच्चो को रंग बहुत पसंद होते है, उन्हें खिलाने के लिए सब्जी या रोटी के ऊपर रंग बिरंगी सब्जियां डाले, उससे अलग-अलग प्रकार के चित्र बनाए जिससे बच्चे अकर्सित होंगे। शुरुआत में थोड़ा मुश्किल होगा, पर बाद में इतनी दिक्कतें नहीं आएगी। 
  • नियमित रूप से एक ही समय पर भोजन दे। बच्चों को हर तीन से चार घंटे में खाना देना ज़रूरी होता है। इसलिए हमेशा समय पर खाना दे तो उन्हें इसकी आदत भी ही जाएगी।
  • उन्हें बातों में उलझा कर रखिए और खाना खिलाइए। कार्टून दिखाते हुए भी आप खिला सकते है।
  • छोटे छोटे निवाले खिलाएं।
  • दूध के अंदर कोई चॉकलेटी पाउडर या उनके मनपसंद रंग का पाउडर डाले।
  • हमेशा खाने से पहले जूस पिलाएं और खाने के बाद मीठा खिलाएं।

ज़बरदस्ती खाना खिलाने के नुकसान।

  • इसे बच्चे मोटे होने की जगह कई बार उनकी हड्डियाँ सुखने की वजह से या किसी बीमारी के कारण वह और भी पतले हो जाते है।
  • बच्चों को ज़बरदस्ती निवाले खिलाने में कई बार निवाले फेफड़ों में भी अटक जाते है, जिससे निमोनिया भी हो सकता है।
  • बच्चों में इतनी क्षमता नहीं होती की वह जल्दी से निवाला चबा पाए। कई बार इस वजह से बच्चों को उल्टियां भी होती है, जिससे वो बीमार भी हो सकते है।
  • कब्ज भी हो सकता है, यदि उन्हें हमेशा इसी तरीके से खाना खिलाया जाए तो।
  • खाने से नफ़रत हो सकती है, हमेशा के लिए।

क्या क्या शामिल करे डाइट में।

विटामिन्स और प्रोटींस से भरपूर आहार। हर रोज़ रात को दूध पीले इससे बच्चों की हड्डियाँ मजबूत बनती है, और कैल्शियम की कमी भी नहीं होती। पांच से कम उम्र के बच्चे 3 से ज़्यादा रोटी अक्सर नहीं खाते है।

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