Alert! पेट में हो Sakte है, कई तरह के कीड़े

आज के लेख में आप जानेंगे एक ऐसी समस्या के बारे में जो अक्सर बच्चों में पाई जाती है। जी हां, कीड़े बच्चों के कुछ गलत खा लेने से या मिट्टी में खेलने से यह समस्या उत्पन होती है। इसे आमतौर पर परजीवी कीड़े कहा जाता है। परजीवी कीड़े जीवित मेजबान को खाते है, ओर कई बार आंटे सूखने ओर वजन कम होने की वजह यह कीड़े होते है। कई बार युवानो ओर बुजुर्गो में भी कीड़े पाए जाते है। यह समस्या होने का ज़्यादा खतरा ग्रामीण जगह एवं खराब या ज़्यादा बासी खाना और पानी पीने की वजह से होता है।

कीड़े के प्रकार।

  • यदि, आप ऐसा पानी पीते है जिसमे tapworm के अंडे हो तो आपके पेट में कीड़े हो सकते है। यह। एक प्रकार का flatworm है। कच्चा या अधपका मांस एक और तरीका है जिससे टेपवर्म लोगों के पेट में अपना रास्ता खोज सकता है। यह सफ़ेद रंग का होता है, ओर मनुष्य के अंदर तकरीबन 30 साल तक जीवित रह सकता है। यदि आपके अंदर यह है, तो आपको काफी बुखार, छाती में जलन, या कुछ एलर्जी के लक्षण नजर आ सकते है।
  • Flukes की संभावना जानवरो में ज़्यादा होती है, मनुष्य की तुलना में। कच्चे जलकुंड (Raw watercress) और अन्य मीठे पानी के पौधे मनुष्यों में Flukes के मुख्य स्रोत है। जब आप दूषित पानी पीते है तो यह होने की संभावना ज़्यादा हो सकती है।वे आपकी आंटों, रक्त या ऊतकों (Molecules) में अपना घर बनाते है। इसमें आपको कई सप्ताह तक बुखार, ओर कुछ ना करो तब भी आपको थकान महसूस होगी। 
  • Hookworm मल और दूषित मिट्टी के माध्यम से प्रेषित होते है। इस तरह के राउंडवॉर्म के साथ संपर्क बनाने का सबसे आम तरीका हुकवर्म लार्वा के साथ संक्रमित मिट्टी पर नंगे पांव चलना है। वे त्वचा के माध्यम से छेद कर सकते है। हुकवर्म छोटी आंटे में रहते है, जहाँ वे “हुक” के साथ खुद को आंटों की दीवार से जोड़ते है। Hookworm की वजह से आपको शरीर में दर्द, कई सारे धाग शरीर में हो सकते है, ओर एनेमिया भी ही सकता है।
  • अन्य, कीड़े जैसे Pinworms जिसे Threadworms भी कहा जाता है। यह अक्सर हानिकारक नहीं होते है।Thricionosis जो खाने में कई बार आ जाता है। यह कई बार हानिकारक हो सकता है। कई बार Thricionosis होने से, चहेरे में सूजन, सिर दर्द जैसे लक्षण नजर आते है।

कैसे बरसे सावधानी?

  1. कभी भी कच्चा या अधपका मांस, मछली या मुर्गी न खाएं।
  2. मांस को अन्य खाद्य पदार्थों से अलग रखकर भोजन के दौरान पार-संदूषण से बचें।
  3. कच्चे मांस को छूने वाले सभी कटिंग बोर्ड, बर्तन और काउंटरटॉप्स कीटाणुरहित करें।
  4. जलचर या अन्य मीठे पानी के पौधों को कच्चा न खाएं।
  5. उन जगहों पर नंगे पैर न चलें जहाँ मिट्टी मल द्वारा दूषित हो सकती है।

अन्य, बातो का भी रखे खयाल।

खाना खाने से पहले या बाद में या फिर kisi प्राणी को छूने के पश्चात अवश्य हाथ धोए तकरीबन 20 सेकंड तक। 

कई बार ज़्यादा मीठा खाने से भी यह समस्या उत्पन हो सकती है, तो ज़्यादा मीठा ना खाए। आपको लहसुन, नारियल का तेल, ओर गाजर का ज़्यादा उपयोग करना चाहिए।

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