Thyroid की बीमारी क्या है, प्रकार, लक्षण, कारण, और इलाज क्या है – जानिए।

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Thyroid की बीमारी – थायराइड ग्रंथि के आवश्यकता से अधिक या कम मात्रा में Hormone बनने

 पर होती है। इस बीमारी के होने के कारण गले के नीचे वाले हिस्से में जलन एवं अधिक सूजन होती है। यह एक छोटा, तितली के आकार का ग्रंथि होता है।  

अब सवाल यह उठता ही की कितने प्रकार की Thyroid की बीमारी होती है?

यह बीमारी 6 तरह की होती है, और इसके लक्षण भी अलग-अलग होते है आइए जानते है – 

What is Thyroid disease?

अतिगलग्रंथिता (Hyperthyroidism)

Hyperthyroidism में, थायरॉयड ग्रंथि अति सक्रिय (Overactive) होते है। इसमें हार्मोन का अधिक उत्पादन होता है। हाइपरथायरायडिज्म लगभग 1 प्रतिशत महिलाओं को प्रभावित करता है। यह पुरुषों में कम होता है, महिलाओं की तुलना में।

अतिगलग्रंथिता (Hyperthyroidism) बीमारी के लक्षण –

  • बेचैनी 
  • घबराहट
  • दिल का तेज़ी से धड़कना
  • चिड़चिड़ापन
  • पसीना आना
  • चिंता
  • नींद न आना
  • भंगुर (Brittle) बाल और नाखून
  • मांसपेशी में कमज़ोरी
  • वजन घटना

हाशिमोटो (Hashimoto’s) की बीमारी

हाशिमोटो की बीमारी को क्रोनिक लिम्फोसाइटिक थायरॉयडिटिस ( chronic lymphocytic thyroiditis) के रूप में भी जाना जाता है। यह संयुक्त राज्य में हाइपोथायरायडिज्म का सबसे आम कारण है, जो लगभग 14 मिलियन अमेरिकियों को प्रभावित करता है। यह किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन मध्यम आयु वर्ग की महिलाओं में यह सबसे आम है। यह रोग तब होता है, जब शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से हमला करती है। साथ ही  धीरे-धीरे थायरॉयड ग्रंथि और हार्मोन का उत्पादन करने की क्षमता को नष्ट कर देती है।

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Hashimoto’s बीमारी के लक्षण – 

  • थकान
  • डिप्रेशन
  • कब्ज़
  • वजन बढ़ना
  • रूखी त्वचा
  • सूखे, पतले बाल
  • पीला और फूला हुआ चेहरा
  • भारी और अनियमित मासिक धर्म
  • बढ़े हुए थायराइड, या गण्डमाला

हाइपोथायरायडिज्म (Hypothyroidism)

हाइपरथायरायडिज्म के विपरीत (Opposite) है Hypothyroidism। थायरॉयड ग्रंथि अंडरएक्टिव (Underactive) होता है, और यह अपने हार्मोन का पर्याप्त उत्पादन नहीं कर सकता है। हाइपोथायरायडिज्म अक्सर हाशिमोटो रोग के कारण होता है। हाइपोथायरायडिज्म के ज़्यादातर मामले हल्के होते है।

Hypothyroidism के लक्षण – 

  • थकान
  • रूखी त्वचा
  • याददाश्त की समस्या
  • कब्ज़
  • डिप्रेशन
  • दुर्बलता
  • धीमी गति से हृदय गति
  • प्रगाढ़ बेहोशी

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कब्र रोग (Graves Disease) की बीमारी – 

What is Thyroid disease?

ग्रेव्स रोग का नाम उस डॉक्टर के नाम पर रखा गया था जिसने पहली बार 150 साल से अधिक समय पहले इसका वर्णन किया था। यह संयुक्त राज्य में हाइपरथायरायडिज्म (Hyperthyroidism) का सबसे आम कारण है, जो 200 लोगों में से लगभग 1 को प्रभावित करता है।

Graves एक स्व-प्रतिरक्षित विकार है। यह तब होता है जब शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से थायरॉयड ग्रंथि पर हमला करती है। यह चयापचय को विनियमित करने के लिए जिम्मेदार हार्मोन को ओवरप्रोड्यूस करने के लिए ग्रंथि का कारण बन सकता है। यह रोग वंशानुगत है और पुरुषों या महिलाओं में किसी भी उम्र में विकसित हो सकता है, लेकिन स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग के स्रोत के अनुसार, 20 से 30 वर्ष की महिलाओं में यह बहुत आम है। अन्य जोखिम कारकों में तनाव, गर्भावस्था और धूम्रपान शामिल होता है।

जब आपके रक्तप्रवाह में थायराइड हार्मोन का उच्च स्तर होता है, तो आपके शरीर के सिस्टम गति करते है और ऐसे लक्षण पैदा करते है जो हाइपरथायरायडिज्म के लिए आम है। इसमें शामिल है – 

  • चिंता
  • चिड़चिड़ापन
  • थकान
  • हाथ कांपना
  • दिल की धड़कन बढ़ना
  • बहुत ज़्यादा पसीना आना
  • सोने में कठिनाई
  • दस्त 

गण्डमाला (Goiter) बीमारी – 

गोइटर थायरॉयड ग्रंथि का एक Non-Cancerous enlargement है। दुनिया भर में गण्डमाला का सबसे आम कारण आहार में है, Iodine की कमी है। शोधकर्ताओं का अनुमान है, कि दुनिया भर में Iodine की कमी वाले 700 मिलियन लोगों में गोइटर 200 मिलियन को प्रभावित करता है।

गोइटर किसी भी उम्र में किसी को भी प्रभावित कर सकता है, विशेष रूप से दुनिया के उन क्षेत्रों में जहां Iodine से भरपूर खाद्य पदार्थ कम आपूर्ति में है। 

यदि गण्डमाला गंभीर नहीं है तो कोई लक्षण नहीं हो सकता है। 

यदि यह आकार के आधार पर पर्याप्त बढ़ता है, तो गण्डमाला निम्न लक्षणों में से एक या अधिक हो सकता है –

  • आपकी गर्दन में सूजन
  • सांस लेने या निगलने में कठिनाई
  • खाँसी या घरघराहट
  • आवाज की कर्कशता

थायराइड नोड्यूल (Thyroid nodule) बीमारी –

Thyroid nodule ग्रोथ है जो थायरॉयड ग्रंथि पर या उस पर बनते है। कारण हमेशा ज्ञात नहीं होते है। लेकिन इसमें Iodine की कमी और हाशिमोटो (Hashimoto) की बीमारी शामिल हो सकती है। 

कुछ नोड्यूल्स थायरॉयड हार्मोन का उत्पादन करते है, जिससे रक्तप्रवाह में असामान्य रूप से उच्च स्तर होता है। जब ऐसा होता है, तो लक्षण अक्सर हाइपरथायरायडिज्म (Hyperthyroidism) के समान होते है।

थायराइड नोड्यूल (Thyroid nodule) के लक्षण – 

  • घबराहट
  • भूख बढ़ना
  • झटके
  • वजन घटना
  • चिपचिपी त्वचा

अब जानते है, Thyroid की बीमारी का घरेलू इलाज।

नारियल एवं दूध का इस्तेमाल।

  • नारियल तेल का उपयोग खाने में करे। क्योंकि, इसमें Fatty Acids मौजूद होते है जिससे Thyroid  होने की संभावना घटती है। दूध में भरपूर मात्रा में Minerals, Calcium जैसे पोषक तत्व मौजूद है, जो Thyroid patient के लिए अच्छा है।
  • आप चाहे तो सुबह दूध में नारियल के तेल भी डाल सकते है।

Dry fruits का करें सेवन – Thyroid की बीमारी के लिए।

  • आप कुछ बादाम और अखरोट का सेवन करें। इससे Thyroid के हार्मोन बनने की संभावना कम होती है।

सब्जियों का करे सेवन।

IRON से भरपूर सब्जियों का सेवन करें। हरी-पत्तेदार सब्जियों का सेवन करना भी है लाभकारी। Soya, Broccoli, फूलगोभी का सेवन ना करें। इससे बनी हुई चीज़ों का भी सेवन ना करें। 

2 चमच धन्या एक कप में रात भर भिगोकर रख दें। सुबह इसे उबाल कर पी लें। इससे आपकी समस्या का समाधान जल्दी होगा। मुलेठी का सेवन करना भी अनिवार्य है – Thyroid की बीमारी के लिए। टमाटर जैसी सब्जियों को अपने डाइट में अवश्य शामिल करें चाहिए। 5 किलो आटे में 1 किलो ज्वार और बाजरे का आटा मिलाकर रोटियां बनाएँ और इसी आटे की रोटी खाएँ। Vitamin C, Vitamin D,  अपने डाइट में नियमित रूप से शामिल करें।

घी, red meat जैसी चीज़ों का सेवन बहुत कम करें।

सब्जियों एवं फलों का जूस पिए।

  • खाली पेट एक गिलास लौकी का जूस पिए।
  • अनानास, संतरा, सेब, गाजर, जैसे फलों के जूस का सेवन अवश्य करना चाहिए।
  • अंगूर का रस भी फ़ायदेमंद है, सेहत के लिए।

प्राणायाम करना है अनिवार्य।

  • अनुलोम-विलोम प्राणायाम करें कि आदत डालें।
  • ब्रह्ममुद्रा प्राणायाम करें –

कमर और सीधी रखकर बैठें। फिर अपनी गर्दन को 5 बार ऊपर-नीचे चलाएँ। वापस दाएँ-बाएँ और clock-Anti clock wise घुमाएँ। ऐसा 10-15 बार करें।

शवासन करें

सबसे पहले पीठ के बल अच्छे से लेट जाएँ। अब 10-15 गहरी श्वास लें और छोड़ें अपनी आँखें बंद रख कर।

  • सर्वांगासन, मांजरासन, उष्ट्रासन जैसे योगासन करना भी आपके लिए फ़ायदेमंद होगा।

ऊपर लिखित किसी भी उपचार को इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह एक बार अवश्य लें।